प्रश्नों के आस पास कहीं.... कभी बेहद पास वहीं उनके उत्तर त…
✣
प्रश्नों के आस पास कहीं.... कभी बेहद पास वहीं उनके उत्तर तैरते रहते हैं। मैंने देखा है उनको गोता खाते हुए। सभी इन्हें देख नहीं पाते। अक्सर सुन भी नहीं पाते और वो जो देख सुन पाते हैं वे उत्तर नहीं ढूंढते।वे प्रश्न पर प्रश्न करते हैं। प्रश्न पर सवाल खड़े होते हो उत्तर दिग्भ्रमित हो जाते हैं । चुप्पी सध जाती है । प्रश्नचिन्ह उड़ जाते हैं और उत्तर के अक्षर वहीं कहीं दब जाते हैं। एक समानांतर दूरी पर। मौन प्रश्न उत्तर के बीच की समानांतर दूरी है जो कम ज्यादा के फेर में नहीं पड़ता ।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह