कल्पनापूरा संग्रह

रचना 697 / 789

इंतजार से ज्यादा दुश्वार है यह जान लेना कि कोई तुम्हारा इंत…

इंतजार से ज्यादा दुश्वार है यह जान लेना कि कोई तुम्हारा इंतजार कर रहा। इस बेबसी को रोज़ छू कर देखना भी प्रेम है ।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह