आवाज़ दो
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आवाज़ दो .... आवाज़ देना ही प्रेम है। प्रेम में वो सुंदर नहीं होते जो आवाज़ देते हैं ... प्रेम में वो सुंदर होते हैं जो आवाज़ के बदले आवाज़ लौटाते हैं। संवाद दो पल का...तुम्हारे संग ईश्वर रच देता है दरमियां *बातें और तस्वीर मुस्कान लाने के लिए बनी होती हैं। आ गई।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह