कल्पनापूरा संग्रह

रचना 705 / 789

आंख का गीलापन साक्ष्य है कि तुम बंजर हो नहीं सकते मेरे लिए।

आंख का गीलापन साक्ष्य है कि तुम बंजर हो नहीं सकते मेरे लिए। तेरी राह तके अंखियां।

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