शीशे और आईने का फ़र्क कुछ ही आंखें जानती हैं ।
✣
शीशे और आईने का फ़र्क कुछ ही आंखें जानती हैं । यहां प्रेम बहुत है प्रेमी कम । प्रेमिल उससे भी कम।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
शीशे और आईने का फ़र्क कुछ ही आंखें जानती हैं । यहां प्रेम बहुत है प्रेमी कम । प्रेमिल उससे भी कम।