तेरे चेहरे पर दिखती हूं मैं मेरे चेहरे पर रहता है तू अय्यार हम तुम कुछ ऐसे भी।
रचना 722 / 78915 दिसंबर 2025तेरे चेहरे पर दिखती हूं मैं✣तेरे चेहरे पर दिखती हूं मैं मेरे चेहरे पर रहता है तू अय्यार हम तुम कुछ ऐसे भी।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह