देह, आँसू और हँसी
✣
देह, आंसू और हंसी प्रेम के ये तीन संबल न इससे ज्यादा दिया जा सकेगा तुमसे ना ही पा सकोगे तुम। *तुम हंसी रख लो मैं आंसू रख लेती हूं। दो देहों ने एक दूजे से कहा।
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देह, आंसू और हंसी प्रेम के ये तीन संबल न इससे ज्यादा दिया जा सकेगा तुमसे ना ही पा सकोगे तुम। *तुम हंसी रख लो मैं आंसू रख लेती हूं। दो देहों ने एक दूजे से कहा।