प्रेम वो रेशम है जिसमें जंग नहीं लगती
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प्रेम वो रेशम है जिसमें जंग नहीं लगती और वो लोहा भी जिसमें गांठ नहीं लगती। *तस्वीर भव्या की है जो याद में बनी रहती है।बेटियां मुस्कुराती हुई दिव्य लगती हैं।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
प्रेम वो रेशम है जिसमें जंग नहीं लगती और वो लोहा भी जिसमें गांठ नहीं लगती। *तस्वीर भव्या की है जो याद में बनी रहती है।बेटियां मुस्कुराती हुई दिव्य लगती हैं।