तुम्हारा इनकार बचा रहे... बस तुम्हारा प्रेम तुम पर मैं खुद देख लूंगी।
रचना 150 / 78916 सितंबर 2023तुम्हारा इनकार बचा रहे✣तुम्हारा इनकार बचा रहे... बस तुम्हारा प्रेम तुम पर मैं खुद देख लूंगी।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह