कल्पनापूरा संग्रह

रचना 152 / 789

तुझे खोने पाने की जद से बाहर रखा है

तुझे खोने पाने की जद से बाहर रखा है .. मैं कितना भी मन के साथ जाऊँ ... जानती हूँ तुम दिल के साथ ही जाओगे। *तस्वीर पुरानी है पर मैं नई हूं।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह