तुम पर ग़ज़ल लिखना क्या मुश्किल है चाँद
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तुम पर ग़ज़ल लिखना क्या मुश्किल है चाँद? एक मिसरा तुम मेरी अर्ज़ उठा लो एक मिसरा मैं तुम्हारी बेरुखी का तोड़ लेती हूँ
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
तुम पर ग़ज़ल लिखना क्या मुश्किल है चाँद? एक मिसरा तुम मेरी अर्ज़ उठा लो एक मिसरा मैं तुम्हारी बेरुखी का तोड़ लेती हूँ