कल्पनापूरा संग्रह

रचना 275 / 789

सांझा होना कौन नहीं चाहता पर कुछ दायरे लांघने के लिए नहीं ब…

सांझा होना कौन नहीं चाहता पर कुछ दायरे लांघने के लिए नहीं बने होते।बस साधने के लिए बने होते हैं। तुमसे मन न कह पाना भी एक साधना है ... तुम से तुम्हारी ही प्रार्थना है। मेरे लिए आराधना है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह