कल्पनापूरा संग्रह

रचना 296 / 789

अगर कभी तुम मुझे मिल गए तो कहूंगी..... तुम मुझे बहुत देर से…

अगर कभी तुम मुझे मिल गए तो कहूंगी..... तुम मुझे बहुत देर से मिले ..... और इस देर की मैंने बहुत देर तक राह देखी है । अब बुढ़ा जाने तक रह जाना ।salt and pepper love देखती रहूं। मैं बार बार देर तक देर की राह तक नहीं सकती।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह