अक्सर हम सुंदर जानकर असुंदर को
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अक्सर हम सुंदर जानकर असुंदर को , प्रेम जानकर अप्रेम को, सहज जानकर असहज को छू आते हैं। मांगते कुछ है....और क्या पा जाते हैं। ईश्वर हमारा तोल जानता है। कम में नहीं बिकने देता सच्चा दिल
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह