कुछ भेजा है ....मिला क्या
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कुछ भेजा है ....मिला क्या? मुझमें बहुत सारा शोर जम गया था ।सोचा सांझा कर लूं। कुछ भेजा है ... आवाज से भरा हुआ। मेरी प्रति ध्वनि सा मिला क्या? मिले तो खूब देर तक सुनना देखना .... दुखना क्या होता है? सुनना ..... मेरी उदास अरदास बजने देना.... मुझे बरजने देना उदासी अपने आंगन में।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह