कल्पनापूरा संग्रह

रचना 313 / 789

तुम मिले

तुम मिले तुम्हारा अबोला मिला। दोनों को कविता में रख रही प्रेम जाने आज कहां रखूंगी।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह