चुप अपने आप एक पूरी भाषा है। बस इसकी लिपि सबकी अपनी होती है।
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चुप अपने आप एक पूरी भाषा है। बस इसकी लिपि सबकी अपनी होती है। जो अपनी चुप लिख बोल सकता है वही मेरा प्रेमी है और जो इस चुप को पढ़ पाता है वो मेरा प्रेम । जो इस चुप को जी लेती है वो मेरी जोगन । जो इस चुप को छिपा लेता है वो मेरा जोगी । और जो इस चुप को देखता देखता मुस्कुराता है वो मेरा ईश्वर। *संवाद दो फूलों के बीच का है। अभी स्कूल जाते वक्त मैंने सुना तो लिख दिया।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह