कल्पनापूरा संग्रह

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छवि वो नहीं जो लोग आपके सामने आपकी बताते हैं । असली छवि वो…

छवि वो नहीं जो लोग आपके सामने आपकी बताते हैं । असली छवि वो है जो लोग आपके पीठ के पीछे बनाते हैं और सामने कह नहीं पाते।

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