कल्पनापूरा संग्रह

रचना 376 / 789

जिन पंक्तियों में स्त्री ,दुःख और प्रेम है बस वहीं कविता है।

जिन पंक्तियों में स्त्री ,दुःख और प्रेम है बस वहीं कविता है। *इस तस्वीर में मुझे चारों मिले।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह