कल्पनापूरा संग्रह

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प्रेम के अलावा सुख दुख एक ही होते हुए कहीं देखा है

प्रेम के अलावा सुख दुख एक ही होते हुए कहीं देखा है? हाँ ... स्त्री देह को

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