कल्पनापूरा संग्रह

रचना 420 / 789

मुझे तुम अपरिभाषित मिले।

मुझे तुम अपरिभाषित मिले। बस इस लिए तुम को चुना बस तुमको लिखा।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह