तुम मेरी अकारण विवशता का एकमात्र कारण हो l मेरे लिए प्रेम यही है। यहीं है।
रचना 527 / 78917 दिसंबर 2024तुम मेरी अकारण विवशता का एकमात्र कारण हो l✣तुम मेरी अकारण विवशता का एकमात्र कारण हो l मेरे लिए प्रेम यही है। यहीं है।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह