साल भर की उपलब्धि ये रही कि तुम रहे मैं रही और ये प्रेम रहा निर्बाध बीते पर बीते नहीं।
रचना 541 / 78928 दिसंबर 2024साल भर की उपलब्धि ये रही कि✣साल भर की उपलब्धि ये रही कि तुम रहे मैं रही और ये प्रेम रहा निर्बाध बीते पर बीते नहीं।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह