प्रेम का शिल्प संवाद नहीं मौन तय करता है। रहना तुम।
रचना 542 / 78928 दिसंबर 2024प्रेम का शिल्प संवाद नहीं मौन तय करता है।✣प्रेम का शिल्प संवाद नहीं मौन तय करता है। रहना तुम।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह