ठंडा चांद भेजा है सुलगते इंतज़ार पर धरना कुछ देर देखना मुस्करा लेना।
रचना 549 / 7895 जनवरी 2025ठंडा चांद भेजा है✣ठंडा चांद भेजा है सुलगते इंतज़ार पर धरना कुछ देर देखना मुस्करा लेना।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह