कल्पनापूरा संग्रह

रचना 558 / 789

दुःख लिखा नहीं जा सकता

दुःख लिखा नहीं जा सकता लिखते ही कविता हो जाता है। कविता डाइल्यूट दुःख की फर्स्ट कॉपी है। जैसे इत्र हवा में घुल जाए और दुःख महक उठे। तुमको देखना,सोचना ,लिखना इत्र ही है .... मेरा डाइल्यूट दुःख कविता सरीखा

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह