कल्पनापूरा संग्रह

रचना 569 / 789

मेरी मुस्कान पर तुम्हारा नाम लिखा है।

मेरी मुस्कान पर तुम्हारा नाम लिखा है। लिखा रहे। इससे सुंदर कविता क्या लिखती और क्यूं लिखती? * तस्वीर आज सुबह की है और मुस्कान अदा नहीं सदा है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह