प्रतीक्षा एक मिटती बनती मुस्कान है... आंखों में बनती है होठों पर मिट जाती है।
रचना 578 / 7895 फ़रवरी 2025प्रतीक्षा एक मिटती बनती मुस्कान है✣प्रतीक्षा एक मिटती बनती मुस्कान है... आंखों में बनती है होठों पर मिट जाती है।मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह