प्रेम का भाव
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प्रेम का भाव प्रेम का अभाव और प्रेम का प्रभाव तीनों ही प्रेम के त्रिकोण बिंदु हैं । प्रेम बस इन्हीं बिंदुओं में जन्मता, जीता, जीतता, हारता और शून्य हो जाता है। प्रेम के फूल चुनने भी इन्हीं बिंदुओं पर आना होता है।
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह