मेरी खामोशी तुम्हारी अनुपस्थिति
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मेरी खामोशी तुम्हारी अनुपस्थिति से ऊपजी थकान है। ये अनंत विराम हो गई है। कहां धरूं ? कहां न धरूं ये शोर?
मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह
मेरी खामोशी तुम्हारी अनुपस्थिति से ऊपजी थकान है। ये अनंत विराम हो गई है। कहां धरूं ? कहां न धरूं ये शोर?