कल्पनापूरा संग्रह

रचना 691 / 789

अपनी धुरी नहीं छोड़नी चाहिए।

अपनी धुरी नहीं छोड़नी चाहिए। जो आपको जानते हैं... वो खुद रुक कर देखेंगे। और जो खुद रुक कर देखेंगे ....वो आपको जान जायेंगे। मां कहती है।

मूल प्रकाशनKalpana Pandey का Facebook संग्रह